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Salemabad Shiv Temple Story in Hindi

किस शिव भक्त के कारण इस शिव मंदिर का दरवाजा सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक बंद रखा जाता हैं ?
Salemabad Shiv Temple Story : आज तक हमने और आपने यही सुनना था की किसी मनुष्य द्वारा देवी-देवताओं की आराधना करना एक सद्गुण होता  है लेकिन अगर यही गुण किसी अन्य जीव में दिखाई दे तो इसे किसी आश्चर्य से कम नहीं समझा जाता।अगर हम देखें तो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को नाग बहुत प्रिय हैं।वे गले में हार के स्थान पर नाग को ही धारण करते हैं। तो दूसरी ओर भगवान विष्णु शेष नाग की शैया पर शयन करते हैं। शायद भगवान का नागों से विशेष संबंध है।जी हैं उत्तरप्रदेश के आगरा के पास स्थित एक गांव है – सलेमाबाद। गांव में एक प्राचीन शिव मंदिर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पिछले करीब 15 वर्षों से एक नाग रोज आकर भगवान शिव को नमन करता है।इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु शिवजी की पूजा करने आते हैं लेकिन नाग का इस तरह आना जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। यह नाग रोज मंदिर में आता है और करीब 5 घंटे तक यहां रुकता है।नाग सुबह 10 बजे आता है और शाम को 3 बजे वापस लौट जाता है। इस अवधि में यह किसी और  स्थान  पर नहीं बल्कि शिवलिंग के पास ही बैठा रहता है। इससे श्रद्धालुओं को कोई भय नहीं है और न इसने कभी किसी को नुकसान पहुंचाया।हालांकि नाग के मंदिर में प्रवेश करने के बाद मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान कोई और व्यक्ति मंदिर में प्रवेश नहीं करता। 3 बजने के बाद नाग वहां से चला जाता है।उसके बाद ही लोग मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने जाते हैं। किसी नाग का इतनी लंबी अवधि से रोज मंदिर में आकर शिवलिंग के पास रुकने को यहां के लोग आश्चर्य से ज्यादा श्रद्धा का विषय मानते हैं।

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