आज के कम्पटीशन और भाग दौड़ की ज़िन्दगी में हम अपने बच्चों को दिन भर समय दें ये मुमकिन नहीं है पर बच्चो के साथ रात को अगर हम सोये तो उनको काफी अच्छा फील करा सकते हैं ऐसा करने से कई फायदे भी हम देख सकते हैं जैसे
1.सुरक्षा का अनुभव: सोते समय जब बच्चे के साथ उसके माता-पिता होते हैं, तब वह स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। अकेले सोने पर छोटे बच्चे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। बच्चे अक्सर रात को सोते हुए उठ जाते हैं और उनकी नींद पूरी नहीं होती। इसके चलते बच्चे चिड़चिड़े भी होने लगते हैं ।
2.बच्चो में बेहतर समझना : जब आप बच्चो एक साथ सोते हो तो सोने से पहले उसके रूटीन लाइफ के बारे में बातचीत के ज़रिये बेहतर समझ समझ सकते हैं ।
3. हेल्दी बैड टाइम रूटीन: समय पर सोने से न केवल नींद अच्छी आती है, बल्कि स्वास्थ्य भी सही रहता है। बच्चों में हेल्दी बैड टाइम रूटीन डालने के लिए पेरेंट्स को रात में बच्चों के साथ ही सोना चाहिए। इससे वे स्वस्थ लाइफस्टाइल अपना सकेंगे। उनको पता होता हैं की अब मेरे पेरेंट्स मेरे पास आएंगे और मेरे साथ सोयेंगे ।
4.अच्छे संस्कार का मिलेगा आधार: रात को बच्चों के पास सोने से आपको एक फायदा यह भी होगा कि आप उसको कहानी सुनाने के जरिए अच्छे संस्कार डाल सकते हैं। इससे उसके भविष्य निर्माण में सहायता मिलती है। जीवन की विकट परिस्थितियों में उसे वह सीख हमेशा याद रहेगी।
5.बच्चो को आत्मनिर्भर बनाना : बच्चो को आप उनके समस्या को बेहतरीन ढंग से सुलझाने में मदद कर सकते हैं और उनकोआत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकते हैं ।
6.आत्मसम्मान में वृद्धि: एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि जो बच्चे अपने मां-बाप के पास सोते है उनमें आत्मसम्मान में वृद्धि होती है, व्यवहार की समस्याओं का कम अनुभव होता है, साथियों के दबाव में कम रहते हैं और वह ज्यादा खुश और अपनी लाइफ से संतुष्ट होते हैं।
7.बच्चो को जीवन-लक्ष्य के प्रति जागरूकता : बच्चो को आप उनके जीवन-लक्ष्य के प्रति जागरूकता ला सकते हैं क्योंकी सोने के पहले उनमे आप के जोश भर देने से वो सुबह उसी लक्ष्य को पाने की कोशिश में बड़े लगन से लग जाएंगे
8.मानसिक रूप से करीब: रात को बच्चों के करीब सोने से आप उनसे दिनभर उन्होंने क्या खास किया, उनका पूरा दिन कैसा गया और अगले दिन की उनकी क्या प्लानिंग है। यह सब बातें आसानी से पूछ सकते हैं। ऐसा करने से बच्चा आपसे अपने दिल की सारी बात बताएगा और किसी बात पर उन्हें कोई परेशानी है तो आपसे कह देंगे और बिना किसी मानसिक परेशानी लिए आराम से सोएगा।
9.बच्चों की साथ समय बिताना: अगर आपका बच्चा रोजाना आपसे कहानी सुन कर सोना चाहता है तो इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि उसकी सोने की इच्छा नहीं है, बल्कि वो आपके साथ कुछ और वक्त बिताना चाहता है।
10.नर्सिंग माताओं के लिए आसान: अपने बच्चों के पास सोना नर्सिग माताओं के लिए बेहतर होता है। इससे बच्चे के साथ उनको भी आराम मिलता हैं। उनको बार बार बिस्तर छोड़ कर अपने बच्चे को देखने के लिए उठ कर नहीं आना पड़ता।

No comments