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Mother and Child Relationship in Hindi

 किसी ने सच ही कहा हैं कि भगवान्  हर जगह  नहीं  हो  सकते  इसलिए उसने माएं बनायीं। भले ही कला की दुनिया  बहुत बड़ी हैं और उसमे मधुर संगीतों की कमी नहीं पर ऎसा कोई कलाकार नही जिसके धुन पर मन लुप्त हो जाये और आंखों में नींद आ जाये , ऐसा  कुछ  भी  नहीं  है  जैसा  की  उन लोरियों में  होता  हैं जो  माएं  गाती हैं। माँ बच्चओं के  जीने का  सहारा  होते  हैं। माँ  का  हाथ  कोमलता  से  बना  होता  है  और  बच्चे  उसमे  गहरी  नीद  में  सोते  हैं। रोज़ सुबह  उठने  और  माँ  के  चेहरे  से  प्यार  करने  के  साथ  शुरू  होती हैं । जिस घर में माँ होती है, वहां चीजें ही नहीं बल्कि ज़िन्दगी भी सही रहती हैं। 

जिसने भी ये लिखा हैं बिलकुल सही लिखा हैं:-
 बच्चों को खिलाकर जब सुलादेती है माँ,
तब जाकर थोडा सा सुकोन पाती है माँ,
प्यार कहते हैं किसे ? और ममता क्या चीज़ है ?,
कोई उन बच्चों से पूछे जिनकी गुज़र जाती है माँ,
चाहे हम खुशियों में माँ को भूल जाएँ ,
जब मुसीबत सर पर आती है तो याद आती है माँ.
यें पंक्तियां मैंने और आपने हमेशा से ही महसूस किया हुआ हैं:-
हजारो फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए,
हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए
हजारों बून्द चाहिए समुद्र बनाने के लिए,
पर “माँ “अकेली ही काफी है,
बच्चो की जिन्दगी को स्वर्ग बनाने के लिए..!! 
मेरी ख्वाहिश है की मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपटूँ की बच्चा हो जाऊँ…
हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है
हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
स्कूल का वो बस्ता मुझे फिर से थमा दे माँ
ये ज़िन्दगी का सफर मुझे बड़ा मुश्किल लगता हैं!
माँ के आँचल में वक़्त भी ठहर जाता है ,
मैंने भगवान नहीं देखा और ना ही देखने की कोई इच्छा मन में हैं , 
कयूंकि मैंने तुम्हे देख लिया माँ 
मेरे पास पैसे नहीं और ना ही कमाने की कोई इच्छा मन में हैं, 
कयूंकि मैंने सब कुछ तेरे चरणों में पा लिया माँ 

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